12 वीं पास हैं तो बन सकते हैं आयुष्मान मित्र|
- thlolopopnews

- Aug 27, 2018
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केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। इस योजना को स्वास्थ्य मंत्रालय संचालित करेगा। स्वास्थ्य विभाग योजना के संचालन के लिए शिक्षा मित्रों की तरह आयुष्मान मित्र की भर्ती की जाएगी। प्रारंभिक चरण में पूरे देश में एक लाख आयुष्मान मित्र भर्ती किए जाएंगे। 1 सितंबर तक भर्ती शुरू कर दी जाएगी। उप्र सरकार भी इस स्कीम के तहत बड़ी संख्या में आयुष्मान मित्रों की भर्ती करेगी। 12 वीं पास युवा आयुष्मान मित्र के लिए अप्लाई कर सकते हैं। आयुष्मान मित्र लाभार्थी परिवारों, बीमा कंपनियों व चिकित्सालयों के बीच कड़ी के रूप में काम करेंगे। उप्र में नोडल एजेंसी सांची आयुष्मान मित्रों का चयन करेगी।
यह काम होगा आयुष्मान मित्रों का
नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत विभिन्न राज्यों में आयुष्मान मित्रों की भर्ती अलग-अलग प्राइवेट एजेंसियों के जरिए होगी। आयुष्मान मित्रों की तैनाती सरकारी और निजी अस्पतालों में होगी। इन्हें मरीजों की डीटेल चेक करना, उनकी समस्याओं का उपाय बताना, मरीजों के बिल क्लीयर कराना, मर्ज के अनुरूप संबंधित डॉक्टर और विभाग के पास मरीज को ले जाना, बीमा कंपनियों से समन्वय स्थापित करना आदि कार्य करना होगा। स्वास्थ्य मित्र अपने नोडल अधिकारी को मरीज की डिटेल देगा।
आयुष्मान मित्र को कितनी मिलेगी सैलरी
आयुष्मान मित्र को फिक्स मानदेय मिलगा। यह उसके कार्य के अनुरूप होगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यह अलग-अलग होगा। फिलहाल कम से कम 15 हजार रुपए प्रतिमाह कमाई हो सकती है। लेकिन कोई सैलरी तय नहीं की गई है। आयुष्मान मित्र को प्रति मरीज कम से कम 50 रुपए का इंसेटिव लाभ दिया जाएगा। इस तरह वे जितने केस देखेंगे उसके हिसाब से उनकी कमाई होगी।
आयुष्मान मित्र बनने की योग्यता और सेलेक्शन प्रॉसेस
आयुष्मान मित्र की न्यूनतम योग्यता 12वीं पास होगी। इंटरमीडिएट बायोलॉजी और साइंस से उत्तीर्ण युवाओं को भर्ती में वरीयता दी जाएगी। इसके साथ ही उसे कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी भी होनी चाहिए। उम्र 30 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। अस्पताल के आसपास के लोगों को शिक्षामित्रों की ही तरह भर्ती में वरीयता मिलेगी। क्षेत्रवार आबादी के हिसाब से अस्पतालों में आयुष्मान मित्रों की तैनाती होगी। कोई भी राज्य सरकार आयुष्मान मित्र सीधे नहीं करेगी। बल्कि मैन पॉवर सप्लाई करने वाली कंपनियां इन्हें भर्ती करेंगी। यानी आउटसोर्स किए जाएंगे आयुष्मान मित्र। इन कंपनियों का चयन राज्य सरकारें बिडिंग यानी निविदा के आधार पर करेंगीं। आयुष्मान मित्र इन्हीं चयनित कंपनियों के कर्मचारी होंगे न कि सरकार के।
स्किल डेवलपमेंट के तहत सरकार देगी ट्रेनिंग
आयुष्मान स्कीम के तहत चयनित आयुष्मान की ट्रेनिंग राज्य सरकार स्किल डेवलपमेंट के तहत करवाएगी। ताकि इन्हें स्वास्थ्य संबंधी बेसिक जानकारी हो सके। कौशल विकास मंत्रालय और आयुष्मान भारत के तहत सूचीबद्ध अस्पताल दोनों मिलकर रोगियों की सहायता के लिए आयुष्मान मित्र को बुनियादी जानकारी देंगे। इसके बाद उन्हें जिला अस्पतालों, ब्लॉक अस्पतालों और अन्य चयनित निजी अस्पतालों में तैनात किया जाएगा।
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